आर.एस.एस के सह सरकार्यवाह…

चल चरखा के हर प्रयास को मिला श्री कृष्ण गोपालजी द्वारा एक गहरा संदेश—

यह केंद्र एक बीज है, जो कल वटवृक्ष बनकर जीवन सँवारेगा।

Read More »

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2025

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के समारोह पर
सेंट एलॉयसियस कॉलेज, जबलपुर के उत्साही विद्यार्थियों ने किया चल-चरखा केंद्र का विशेष भ्रमण।

Read More »

तिहाड़ जेल दिल्ली में चल-चरखा का शुभारंभ

दिल्ली भारत सरकार के सर्वोच्च पद पर आसीन उपराज्यपाल के द्वारा चल-चरखा महिला प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्र, तिहाड़ जेल का उद्घाटन…

Read More »

मा. प्रधानमंत्री जी द्वारा उत्पादों का अवलोकन

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने चल-चरखा के उत्पादों का अवलोकन किया और कहा आत्म निर्भर भारत की और आपके बढ़ते कदम में हम सब आप के सहयोगी हैं। आप और गति में अपने कार्य को बढ़ायें , हमारी शुभकामनायें चल-चरखा के प्रत्येक बुनकर के साथ हैं।

Read More »

केवीआईसी अध्यक्ष द्वारा अवलोकन

आचार्य भगवन के आशीर्वाद और मार्ग दर्शन प्राप्त करने पधारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने चल–चरखा के उत्पादों से प्रभावित होकर खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष श्री मनोज जी को चल-चरखा केन्द्र का अवलोकन करने के निर्देश दिए।

Read More »

डॉ॰ किरन बेदीजी से चल-चरखा की मुलाकात

तिहाड़ जेल में चल-चरखा महिला प्रशिक्षण व रोज़गार केन्द्र के द्वारा महिला कैदियों को मूल-धारा से जोड़ने के प्रयासों को जानकर आदरणीय डॉ॰ किरन बेदीजी अत्यंत अभिभूत हो गयी उन्होंने अन्य जेलों में भी महिलाओं के लिए इस प्रकार के कार्यक्रमों से जुड़ने के लिए चल-चरखा को आमंत्रित किया और कहा की यह कार्य अत्यंत सराहनीय है।

Read More »

हमारे सूत्रधार

दसों दिशाएं जिनका घर है,

प्राणी मात्र जिनका परिवार,

विश्व कल्याण की भावना जिनका धर्म है,

मन और इंद्रियों को जितना जिनकी साधना है और

आत्मा का अन्वेषण जिनका लक्ष्य है,

ऐसे युग पुरुष दिगंबराचार्य 108 श्री विद्यासागर जी महाराज की चिंतन धारा से पोषित है चल चरखा महिला प्रशिक्षण व रोजगार केंद्र।

चल चरखा महिला प्रशिक्षण एवं रोज़गार केंद्र

अतीत काल से ही भारत अपने वस्त्र निर्माण की कला के कारण पूरे विश्व में वस्त्र व्यापार का सिरमौर था, परंतु मशीनीकरण के इस दौर में हमने हस्तशिल्प को बहुत ठेस पहुंचाई है। परिणामस्वरूप भारत की आत्मा कहलाने वाले ग्रामीण क्षेत्र बेरोजगारी, गरीबी और पलायन जैसी गंभीर समस्याओं से जूझने लगे।

ऐसी अनेक समस्याओं के समाधान हेतू आचार्य गुरुवर श्री विद्यासागर जी महाराज की प्रेरणा और आशीर्वाद से नए भारत के निर्माण जुड़ा एक सुनहरा अध्याय- चलचरखा महिला प्रशिक्षण एवं रोज़गार केंद्र। यह आधुनिक परिवेश में कौशल, भारतीय संस्कृति और आत्मनिर्भरता का अनूठा संगम है।

Our Approach

चल चरखा महिला प्रशिक्षण केंद्रो में प्रतिभा मंडल की प्रशिक्षित, भारतीय कलाओं में निष्णात, बाल ब्रह्मचारिणी बहने महिलाओं को अंबर चरखा, हथकरघा, कालीन निर्माण, आरी-ज़रदोज़ी हस्तशिल्प आदि का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है।  अंबर चरखा एक सौर ऊर्जा से संचालित यंत्र है जिससे कपास से धागा बनाया जाता है और हथकरघा पर इसी धागे से कपड़ा बुना जाता है। इस पूरे कार्य में कहीं भी बिजली, डीज़ल/पैट्रोल का उपयोग नहीं होता है। चल-चरखा केंद्र में १००% प्रदूषण-मुक्त वातावरण से कपड़ों का उत्पादन होता है। हमारे केंद्र अपनी अहिंसक कार्य शैली के लिए कटिबद्ध है।

हथकरघा प्रशिक्षण ग्रामीण और आदिवासी समुदायों में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक शक्तिशाली उत्प्रेरक है। यह महिलाओं के लिए अपनी रचनात्मकता और उद्यमशीलता की भावना प्रदर्शित करने का अवसर भी बन गया है।

भारतीय नारी: अनंत शक्ति का पुंज
Add Your Heading Text Here

हमारे कुशल कारीगर

चल चरखा महिला प्रशिक्षण व रोजगार केंद्रो में हजारों ग्रामीण, आदिवासी महिलाएं अल्प समय में हथकरघा पर बुनाई ,आरी-जरदोसी ,हाथों की कढ़ाई ,सिलाई आदि पारंपरिक कलाओं का प्रशिक्षण प्राप्त कर ,प्रकृति रक्षक आरोग्यवर्धक वस्तुओं का उत्पादन करने के लिए संकल्पित है ।

हमारे केंद्र

0 +

केंद्र

0 +

महिलाएँ प्रशिक्षित

0 +

हथकरघा संचालित

0 +

प्रशिक्षित महिलाओं ने प्रारंभ किए स्वयं के हथकरघा केंद्र

समाचार एवं घटनाक्रम

आर.एस.एस के सह सरकार्यवाह…

चल चरखा के हर प्रयास को मिला श्री कृष्ण गोपालजी द्वारा एक गहरा संदेश—

यह केंद्र एक बीज है, जो कल वटवृक्ष बनकर जीवन सँवारेगा।

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2025

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के समारोह पर
सेंट एलॉयसियस कॉलेज, जबलपुर के उत्साही विद्यार्थियों ने किया चल-चरखा केंद्र का विशेष भ्रमण।

चल चरखा: एक झलक

राष्ट्रीय हथकरघा संगोष्ठी

आपकी समीक्षा