
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने चल-चरखा के उत्पादों का अवलोकन किया और कहा आत्म निर्भर भारत की और आपके बढ़ते कदम में हम सब आप के सहयोगी हैं। आप और गति में अपने कार्य को बढ़ायें , हमारी शुभकामनायें चल-चरखा के प्रत्येक बुनकर के साथ हैं।
चल-चरखा और उससे जुड़े उत्पादों का प्रोत्साहन न केवल हमारे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखता है, बल्कि यह आधुनिकता और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा भी प्रदान करता है। इससे खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं बढ़ती हैं और लोगों का आर्थिक विकास होता है।
चल-चरखा मात्र प्रशिक्षण केंद्र ही नहीं
अपितु यह एक चिंतन है राष्ट्रहित चिंतक जैनाचार्य १०८ श्री विद्यासागर जी महाराज का,
साधन है स्वावलंबी स्वाश्रित जीवन का,
दर्शन है सत्य और अहिंसा का
एवं
निर्माण है ‘सोने की चिड़िया’ कहलाने वाले समृद्ध आत्मनिर्भर भारत का…